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स्वच्छ भारत अभियान को लगा रहे पलीता

सोमेश्वर से शंकर गोस्वामी 

एक ओर भारत सरकार द्वारा स्वच्छ  भारत अभियान को लेकर बड़े बड़े कार्यक्रम पूरे देश भर में किये जा रहे है वही अधिकारी भारत सरकार के आदेशो को धत्ता बता रहे है ।  हम बात कर रहे है उत्तराखण्ड के सोमेश्वर कस्बे की जहा पर किसानों के नाम पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम के 3 दिन के बाद भी कूड़ा नही हट पाया है। सोमेश्वर का उदाहरण यह बताने के लिये काफी है कि सरकार योजनाये कागजो पर तो भली भांति कार्य करती है और धरातल पर कही नही दिखती है। गौरतलब है कि सोमेश्वर स्टेडियम में भारत सरकार द्वारा संचालित बहुआयामी स्वच्छ भारत अभियान पर प्रतिवर्ष करोड़ो रूपये खर्च किये जा रहे हैं और जनता के धन से प्रतिदिन प्रिन्ट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर भी करोड़ो रुपये के विज्ञापनों से आम नागरिको को स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से जागरूक किया जा रहा हैं कि सभी लोग अपने आस-पास होने वाली गन्दगी को होने से रोके और साथ ही पर्यावरण को साफ रखने के लिए अपने स्तर से उपयोगी कदम उठाये।सरकार द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्य के लिए आमजन शाबासी तो दे रहे हैं परन्तु उस समय थोड़ा सा दुःख होता जब भारत सरकार के ही स्वच्छ भारत अभियान पर सहयोग करने के बजाय धज्जिया उड़ाते हुए नजर आते हैं ।
ऐसा ही वाकया सोमेश्वर में देखने को मिला जब 8 मई को माँ उत्तराखण्ड स्टेडियम सोमेश्वर में नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड द्वारा कृषि विभाग के सहयोग से काश्तकारों के साथ सीधा-संवाद का आयोजन किया गया हालांकि यह कार्यक्रम विवादित रहा ।


कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए मेजबानों ने खूब सजावट की थी , बड़े बड़े पंडाल  लगाये गए े,काश्तकारों को लन्च पैक भी प्लास्टिक की पालीथीन में पैक किर दिये गये और चाय पानी के लिये भी डिस्पोजल गिलास इस्तेमाल किये गये। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आयोजको ने यह जहमत भी नही उठायी कि मैदान की सफाई करा दी जाय। आज 4 दिन बीतने के बाद भी खेल मैदान में जगह-जगह कचरा फैला हुआ हैं, प्लास्टिक थैलियां, डिस्पोजल गिलास , , फूल, हरी डालिया, कपड़े, रस्सियां सहित चारो ओर कूड़ा-करकट फैला हुआ हैं जिसको लेकर स्थानीय लोगो ने रोष भी व्यक्त किया हैं ।

खेल प्रेमियो ने तथा युवाओ ने भी अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हमेशा ही जब भी कोई कार्यक्रम इस स्टेडियम में होता हैं तो सफाई की ओर कोई भी ध्यान नही देता हैं। इस खेल मैदान में सुबह सवेरे से ही प्रतिदिन दर्जनों युवक और युवतियां दौड़ने,क्रिकेट खेलने के लिए पहुचते हैं जबकि दिन भर खेल मैदान छोटे छोटे बच्चों के विभिन्न खेलो से गुंजायमान रहता हैं शाम के समय भी क्रिकेट खेलने के लिए काफी संख्या में युवा एकत्रित होते हैं ।

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