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हत्यारोपी को आजीवन कारावास, 90 हजार का जुर्माना

Minor misconduct


13 माह में विशेष न्यायाधीश ने सुनाया फैसला

अल्मोड़ा। विशेष न्यायाधीष डा. ज्ञानेन्द्र कुमार शर्मा ने ग्राम विकास अधिकारी धौलादेवी पनीराम की हत्या के आरोप में मेल्टाजोल धौलादेवी निवासी दीपक सिंह बिष्ट पुत्र रणजीत सिंह को धारा 302, एससीएसटी एक्ट व धारा 201 के तहत सजा सुनाई है। मामले में अभियुक्त को 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसमें से 50हजार रुपये मृतक की पत्नी को प्रतिकर के रूप में दिया गया है।

मामला 19 अप्रैल 2017 का है। 20 अप्रैल की सुबह खुद आरोपी दीपक सिंह ने ग्राम प्रधान पाली को फोन पर सूचना दी कि उद्यान विभाग के बरामदे में ग्राम विकास अधिकारी पनी राम सोए हुए हैं। यहीं नहीं उनके सर से खून बह रहा है। सूचना के बाद कई लोग मौके पर एकत्र हुए तब पता लगा कि पनी राम की मौत हो गई है। जांच के दौरान पता लगा कि मृतक पनी राम और दीपक घटना की रात एक साथ थे। इसके बाद मृतक के पुत्र ने राजस्व पुलिस को लिखित शिकायत दी। जांच के दौरान दीपक का कमरा खोलने पर वहां दीवारों पर खून और फर्श पर खून के छींटे दिखाई दिए। कमरे में एक लोहे की राॅड भी बरामद हुई। मामला पंजीकृत करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। बाद में मामला रेग्यूलर पुलिस को हस्तांतरित कर दिया गया।
मामले का परीक्षण विशेष सत्र न्यायालय अल्मोड़ा में चला जहां। अभियोजन की ओर से 17 गवाह पेश किए गए। जिला शाशकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा,शेखर चंद्र नैलवाल, और लोक अभियोजक भूपेन्द्र कुमार जोशी ने प्रभावी पैरवी की। परीशीलन के बाद न्यायालय ने आरोपी को धारा 302 में आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये, धारा 201 में 7 साल की सजा पांच हजार रुपये धारा 3/2(वी) एससीएसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माने की इस रकम से 50 हजार रुपये का प्रतिकर मृतक की पत्नी को दिया जाएगा।

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