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वैज्ञानिको का खुलासा ,Corona का नया वेरियेंट आया सामने

Corona

जीनोम सिक्वेसिंग के बाद भारतीय वैज्ञानिकों ने नया खुलासा किया है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि भारत में कोरोना (Corona) वायरस का एक नया वेरियेंट सामने आया है। इस नये वेरियेंट से वजन तेजी से गिरने लगता है।


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी (एनआईवी) पुणे की डॉ. प्रज्ञा यादव के अनुसार बी.1.1.28.2 वैरिएंट बाहर से आए दो लोगों में पाया गया था। और जीनोम सीक्वेसिंग करने के बाद इसका परीक्षण किया गया था। कहा कि हालांकि भारत में इसके बहुत ज्यादा मामले सामने नही आये लेकिन अभी से सतर्कता बरतनी बहुत जरूरी है।


डॉ. प्रज्ञा यादव ने बताया कि जनवरी माह में कोरोना वायरस (coronavirus) के पी1 वंश का पता चला था इसे 20जे/501वाईवी3 भी कहते है। और इसमें 17 प्रकार के स्पाइक प्रोटीन में बदलाव देखे गए थे जो कि एन501वाई, ई484के और के417एन हैं। और जनवरी में ही पी2 वंश भी भारत में आया था और इस वायरस के स्पाइक प्रोटीन में ई484के नामक अमीनो एसिड में बदलाव मिला है लेकिन इसमें एन501वाई और के417एन परिवर्तन नहीं हैं। बताया कि सरकार ने विदेश यात्रा से लौटे सभी यात्रियों के सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग को जरूरी कर दिया है और इसी कारण से इस नये वेरियेंटट के बारे में पता चल सका।

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एल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा के बाद यह एक नया कोरोना (corona) वैरिएंट है जिसके बारे में बताया जा रहा है कि यह वेरियेंट सात दिन में मरीज का वजन कम कर सकता है।


बताया गया है कि कोरोना
वायरस (coronavirus) का यह नया वैरिएंट ब्राजील में सबसे पहले पाया गया था और इसके भारत में मिलने की पुष्टि हुई है। वैज्ञानिको के अनुसार ब्राजील से दो वैरिएंट भारत में आ गये हैं। दूसरे वैरिएंट बी .1.1.28.2 को खतरनाक बताया जा रहा है।


बताते चले कि कोरोना वायरस (coronavirus) के अधिकांश परीक्षण चूहे की एक प्रजाति सीरियाई हैमस्टर में किये जा रहे है। और सीरियाई हैमस्टर में किये गये परीक्षण से यह बात सामने आई है कि संक्रमित होने के सात दिन में ही इस वैरिएंट की पहचान हो सकती है। वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में यह भी पाया कि यह नया वेरियेंट तेजी से वजन कम सकता है।। और पूर्ववती वेरियंट डेल्टा की तरह इसमें एंटीबॉडी क्षमता कम होती हैं।


विदेश यात्रा से लौटे दो लोगों के सैंपल की जीनोम सिक्वेसिंग की गई थी। 26 वर्षीय और 69 वर्षीय इन दो रोगियों में कोरोना वायरस (coronavirus)
के लक्षण नहीं पाये गये थे। लेकिन सरकार द्वारा विदेश से आने वाले सभी लोगों की जीनोम सिक्वेंसिंग के फैसले के तहज इनके सैंपल की सीक्वेसिंग की गई तो बी.1.1.28.2 वैरिएंट का पता चल गया।


इनके सैंपल का नौ सीरियाई हैमस्टर पर सात दिन के लिए परीक्षण किया गया तो 3 की मौत हो गई। और तीनो की मौत शरीर के अंदुरुनी भाग में संक्रमण बढ़ने से हुई थी। सीरियाई हैमस्टर ( चूहो की प्र​जाति) पर किये गये परीक्षण के दौरा दौरान फेफड़े की विकृति के बारे में भी जानकारी मिली और यह भी पता चला कि इससे एंटीबॉडी का स्तर कम हो रहा है।


इंसान-सीरियाई हैमस्टर पर देखे गये अलग—अलग परिणाम


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी के परीक्षण के दौरान पता चला कि बाहर से लौट जिन दो व्यक्तियों में यह वेरियेंट पाया गया वह बिना लक्षण वाले थे। और जब इस नये वैरिएंट से सीरियाई हैमस्टर को संक्रमित किया गया तो इसकी बारे में नये खुलासे सामने आये।

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