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जनसंवाद यात्रा : ग्रीष्मक़ालीन शीतक़ालीन की सनक छोड़ गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनायें सरकार

प्रेस वार्ता में कहा  : भाजपा-कांग्रेस पहाड़ की दुश्मन, दोनो को पहचान रही है जनता

अल्मोड़ा। गैरसैंण् को स्थायी राजधानी बनाने, पंचेश्वर बांध बनाने के निर्णय को वापस लेने की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को पिथौरागढ़ जिले के पंचेश्वर से निकली जन संवाद यात्रा सोमवार शाम अल्मोड़ा पहुची। मंगलवार को यहा प्रेस वार्ता में यात्रा के संयोजक वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक और सामा​जिक कार्यकर्ता् चारू तिवारी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी देखने के लिए पूरा पहाड़ लामबंद होने लगा है। कहा कि त्रिवेंद्र रावत सरकार को यह बात समझ लेनी चाहिए वरना पहाड़ की जनता उन्हे कभी माफ नही करेगी।
उन्होंने कहा कि जिस उत्साह के साथ यात्रा को लोग समर्थन दे रहे हैं उससे साफ़ है कि पहाड़ वासी कांग्रेस-भाजपा के पाखंड को समझने लगे हैं। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि स्थायी राजधानी गैरसैंण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और नए जिलों के गठन समेत तमाम ज्वलंत मुद्दों को लेकर पंचेश्वर से लेकर उत्तरकाशी तक की जा रही यह संवाद यात्रा सत्ताधारियों के लिए एक अल्टीमेटम है।
यात्रा में पहले दिन से चल रहे युवा आंदोलनकारी मोहित डिमरी ने कहा कि, त्रिवेंद्र सरकार को ग्रीष्मक़ालीन-शीतकालीन की सनक छोड़ कर गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित करनी होगी. इसके लिए पूरा पहाड़ एकजुट हो रहा है. जिला पंचायत अल्मोड़ा के जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के मूल भूत सवालों को लेकर हुक्मरानों ने पिछले अट्ठारह वर्षों में उत्तराखंड की जनता को जिस तरह छला है उसको लेकर सवाल पूछने का वक्त आ गया है ।
युवा आंदोलनकारी प्रदीप सती ने कहा कि पहाड़ी प्रदेश की राजधानी गैरसैंण में हो यह राज्य आंदोलन के वक्त से ही जनता की मांग थी लेकिन भाजपा-कांग्रेस ने लगातार इस मांग को हाशिए पर धकेला। उन्होंने गैरसैंण को राजधानी बनाने के लिए सभी से एकजुट होने की अपील की।
पत्रकार रोहित जोशी ने कहा कि सरकार पहाड़ की ज़मीनों को उद्योगपतियों के हवाले करने की साज़िश कर रही है जिसका प्रतिकार करना होगा. उन्होंने कहा कि कृषि उत्तराखंड की रीढ़ रही है लेकिन इसे बड़ी साजिश के तहत खत्म किया जा रहा है ताकि पूंजीपतियों के लिए आसान रास्ता तैयार किया जा सके. गैरसैंण से आए आंदोलनकारी नारायण सिंह बिष्ट ने कहा कि गैरसैंण राजधानी की मांग की अनदेखी से साबित होता है कि पहाड़ सरकार के एजेंडे में नहीं है।
प्रेसवार्ता में वरिष्ठ आंदोलनकारी पूरन चंद्र तिवारी, दयाकृष्ण कांडपाल, रेखा धस्माना, शिवराज बनौला, विमला, बंदना कोहली, सोनी पटवाल, मान सिंह आदि मौजूद रहे। यह यात्रा अल्मोड़ा से नैनीताल को रवाना हो गयी जहां नैनीताल में जनसभा करने के बाद यह यात्रा रामनगर जायेगी और इसके बाद विभिन्न पड़ाव होते हुए 25 अक्टूबर को उत्तरकाशी में इस यात्रा का समापन होगा।

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