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घर के पास गुलदार ने मार डाला मवेशी, युवक ने इस तरह रंगे हाथों पकड़ा कातिल को

युवक के अनोखे उपाय ने वन विभाग को दिखाई राह, आसानी से पता लगा कौन है असली कातिल
युवक के अनोखे उपाय ने वन विभाग को दिखाई राह, आसानी से पता लगा कौन है असली कातिल
अल्मोड़ा। पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार आए दिन पशुओं व मानव पर हमला करते रहता है। पालतू मवेशी लगातार गुलदार के शिकार होते रहते हैं। वन विभाग गुलदार द्वारा शिकार किए जाने की पुष्टि ​के लिये आज भी कई प्रकार के पुराने व पारपरिक उपायों पर आश्रित रहता है। मृत पशु को गुलदार ने मारा है। या घटना स्थल पर उसका विचरण हो रहा है या नहीं इसकी जानकारी भी नही मिल पाती है। एेसे में कई बार गुलदार को पकड़ना या जरूरत होने पर मारने की प्रक्रिया में काफी वक्त लग जाता है। एेसी स्थिति से वन विभाग आज भी गुलदार की आमद या मौजूदगी निशान गिनने तक ही सीमित रहता है। वहीं कोसी क्षेत्र में गुलदार की गुस्ताखी को एक युवक नें रंगे हाथों पकड़ लिया| घटनाक्रम के अनुसार मटेला गांव निवासी गोपाल सिंह बिष्ट के घर के पास शनिवार की सुबह एक बैल का शव मिला। पता लगा कि इसे गुलदार ने अपना निवाला बना डाला है| चूंकि घटना स्थल गोपाल सिंह के घर के ही समीप है
। अपने बच्चों व पालतू मवेशियों की सुरक्षा के चलते गोपाल ने गुलदार को रंगे हाथों पकड़ने का प्लान बनाया। दिन में वन विभाग व पशुपालन विभाग केमअधिकारियों के मौका मुआयना करने के बाद गोपाल बिष्ट अपने मिशन पर जुट गए। उन्होंने सुना था कि गुलदार शिकार करने की जगह दोबारा जरूर आता है फिर क्या था उन्होंने तकनीक का पूरा फायदा उठाने की ठान ली| उन्होंने घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगा दिया जिसकी रिकार्डिंग घर में रखे मानीटर पर होने लगी, समय बीतते ही शाम 6:24 पर ही गुलदार मारे गए बैल के पास आ गया। और मृत मवेशी पर टूट पड़ा साथ ही स्पष्ट भी हो गया कि गुलदार किस समय घटना स्थल पर आता है और उसके आने जाने का समय क्या है। यही नही गुलदार वहां पर रोज आ रहा है और रोज उसकी गतिविधि कैमरे मे रिकार्ड हो रही है| हालांकि आधुनिक यंत्रों के बावजूद यहां वन विभाग कहीं भी गुलदार को पकड़ने की जरूरत के दौरान कैमरों का सहारा नही लेता है। कई बार पिंजरा और टीम तैनात करने के बाद भी उसे जानकारी नहीं मिलती कि गुलदार घटना स्थल पर आया या नहीं। गुलदार का पता लगाने की इस प्रकार की ट्रिक का इस्तेमाल वन विभाग करे तो उसे गुलदार के हमलावर होने की स्थिति में काफी फायदा मिल सकता है। वहीं कोसी क्षेत्र में गुलदार की गुस्ताखी को एक युवक नें रंगे हाथों पकड़ लिया। घटनाक्रम के अनुसार मटेला गांव निवासी गोपाल सिंह बिष्ट के घर के पास शनिवार की सुबह एक बैल का शव मिला। पता लगा कि इसे गुलदार ने अपना निवाला बना डाला है| चूंकि घटना स्थल गोपाल सिंह के घर के ही समीप है अपने बच्चों व पालतू मवेशियों की सुरक्षा के चलते गोपाल ने गुलदार को रंगे हाथों पकड़ने का प्लान बनाया। दिन में वन विभाग व पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मौका मुआयना करने के बाद गोपाल बिष्ट अपने मिशन पर जुट गए| उन्होंने सुना था कि गुलदार शिकार करने की जगह दोबारा जरूर आता है फिर क्या था उन्होंने तकनीक का पूरा फायदा उठाने की ठान ली|
उन्होंने घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगा दिया जिसकी रिकार्डिंग घर में रखे मानीटर पर होने लगी, समय बीतते ही शाम 6:24 पर ही गुलदार मारे गए बैल के पास आ गया। और मृत मवेशी पर टूट पड़ा साथ ही स्पष्ट भी हो गया कि गुलदार किस समय घटना स्थल पर आता है और उसके आने जाने का समय क्या है। यही नही गुलदार वहां पर रोज आ रहा है और रोज उसकी गतिविधि कैमरे मे रिकार्ड हो रही है। हालांकि आधुनिक यंत्रों के बावजूद यहां वन विभाग कहीं भी गुलदार को पकड़ने की जरूरत के दौरान कैमरों का सहारा नही लेता है।
कई बार पिंजरा और टीम तैनात करने के बाद भी उसे जानकारी नहीं मिलती कि गुलदार घटना स्थल पर आया या नहीं। गुलदार का पता लगाने की इस प्रकार की ट्रिक का इस्तेमाल वन विभाग करे तो उसे गुलदार के हमलावर होने की स्थिति में काफी फायदा मिल सकता है।

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